विडियो : शिव ने यहां काटा था गणेशजी का सिर, आज भी इस गुफा में है कटा सिर !

अगर आप भी यहाँ पहुचना चाहते हो तो सबसे पहले आपके लिए ये जान लेना बहुत जरूरी है कि यहाँ जाना कितना मुश्किल है.आपको बता दें की समुद्र तल से 1670 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद इस गुफा तक पहुंचना आसान नहीं है ,कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद आप अल्मोड़ा से 220 किमी दूर खूबसूरत लेकिन खतरनाक पहाड़ों के बीच मौजूद इस गुफा तक पहुँच सकते हो !

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में स्थित पाताल भुवनेश्वर गुफा भक्तों की आस्था का केंद्र है. यहाँ दूर दूर से भक्त दर्शन करने आते हैं छोटा हो या बड़ा हो सब यहाँ आना चाहते हैं.यह गुफा विशालकाय पहाड़ी के करीब 90 फीट अंदर है. यह गुफा उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के प्रसिद्ध नगर अल्मोड़ा से शेराघाट होते हुए 160 किलोमीटर की दूरी तय कर पहाड़ी वादियों के बीच बसे सीमान्त कस्बे गंगोलीहाट में स्थित है.पाताल भुवनेश्वर गुफ़ा किसी आश्चर्य से कम नहीं है.

इस गुफा के साथ ही जुदा हुआ है कलयुग के अंत का सबसे बड़ा रहस्य.हिंदू धर्म में भगवान गणेशजी को प्रथम पूज्य माना गया है.गणेशजी के जन्म के बारे में कई कथाएं प्रचलित हैं.कहा जाता है कि एक बार भगवान शिव ने क्रोधवश गणेशजी का सिर धड़ से अलग कर दिया था, बाद में माता पार्वतीजी के कहने पर भगवान गणेश को हाथी का मस्तक लगाया गया था, लेकिन जो मस्तक शरीर से अलग किया गया, वह शिव ने इस गुफा में रख दिया.

गणेश शिवजी और पार्वती के पुत्र हैं. उनका वाहन मूषक है. गणों के स्वामी होने के कारण उनका एक नाम गणपति भी है.ज्योतिष में इनको केतु का देवता माना जाता है और जो भी संसार के साधन हैं, उनके स्वामी श्री गणेशजी हैं. हाथी जैसा सिर होने के कारण उन्हें गजानन भी कहते हैं. गणेश जी का नाम हिन्दू शास्त्रो के अनुसार किसी भी कार्य के लिये पहले पूज्य है.इसलिए इन्हें आदिपूज्य भी कहते है. गणेश कि उपसना करने वाला सम्प्रदाय गाणपतेय कहलाते है।

The post विडियो : शिव ने यहां काटा था गणेशजी का सिर, आज भी इस गुफा में है कटा सिर ! appeared first on Hindutva.

<>

Loading...