अगर आपके हाथों में भी ‘X’ का निशान तो इसके पीछे छुपा है ये राज़!

ज्यातिष विद्या एक ऐसी विद्या है जिसमें कई तरह से इंसान का भविष्य बताया जाता है और कई मायनों में इसे प्रमाणिक भी माना जाता है. हस्तरेखा ज्योतिष का भी अपना महत्व है. हस्तरेखा ज्योतिष में हथेली की बनावट और उसमें पायी गयी रेखाओं के आधार पर भविष्यवाणी की जाती है.

हस्थरेखा पाठन में भी ज्यातिषियों का मानना है कि पुरुष की दाएं और महिला की बाएं हाथ की रेखाएं देखी जाती हैं. आपने भी कई बार अपनी हस्थ रेखाएं किसी ज्योतिषी को दिखाई होगी और आपने भी ध्यान दिया होगा कि आपकी हथेली पर कई रेखाएं और कई तरह के निशान बने होते हैं और उन्हें देख कर ही ज्योतिष आपको बातें बताता है. इससे सम्बंधित आपके भी दिमाग में बहुत से सवाल होगें. आइये जानते हैं हस्त रेखा से जुड़ी ऐसी ही कुछ अनजाने तथ्यों के बारे में-

क्या होती है हस्त रेखाएँ :

हस्तरेखा शास्त्र के प्राचीन ज्ञान के आधार पर हथेली की रेखाएँ, मनुष्य के व्यक्तित्व और भविष्य की संभावनाओं जैसे करियर, जीवन, विवाह, धन और स्वास्थ्य संबंधी विषय के बारे में दर्शाती है.

ज्योतिष शास्त्र की जड़ें भारतीय पृष्ठभूमि से ही जुड़ी हैं. इस कला में विभिन्न शास्त्रों के अनुसार कई हजार साल पहले हिन्दू ऋषि वाल्मीकि ने 567 छंद युक्त एक ग्रन्थ की रचना की थी.

हाथ की रेखा पढ़ने की शुरुआत :

इतिहासविदों का मानना है कि हस्तरेखा पढ़ने के इस ज्ञान की उत्पत्ति भारत से हुई. इसके बाद यह चीन, तिब्बत, मिस्र, फारस से होता हुआ यूरोप जैसे दूसरे देशों में फैल गया. ग्रीस के विद्वान अंक्सगोरस ने अपने समय में भारतीय उपमहाद्वीप में रहते हुए हस्तकला ज्ञान के बारे में जो भी सीखा, वो उन्होंने हेर्मेस के साथ साझा किया था.

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