हिमाचल प्रदेश की वो 10 सीटें जिससे तय होगी सूबे में सत्ता, जहां से आते हैं प्रदेश के कद्दावर नेता !!

चुनाव का क्षेत्र चाहे बड़ा हो या फिर छोटा, जीत के लिए हर एक सीट मायने रखती है. आज हम बात कर रहें है हिमाचल प्रदेश की जहाँ अगले महीने चुनाव होने वाले है. हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में कुछ ऐसे प्रमुख चुनाव क्षेत्र हैं, जहां बड़े नेताओं का राजनीतिक भविष्य टिका है. उनकी हार-जीत बड़ी मायनें रखती है. कांग्रेस राज वाले हिमाचल में लगता है जल्द ही तख्तापलट होने वाला है.

हिमाचल प्रदेश की 10 सीटें जो तय करेगी सत्ता !!

  • हमीरपुर चुनाव क्षेत्र के नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल का राजनीतिक भविष्य तय करेगा. कांग्रेस इस चुनाव क्षेत्र से कई प्रयोग कर चुकी है लेकिन सफलता हासिल नहीं कर सकी. इस पर चुनाव क्षेत्र में कांग्रेस बहुत कमजोर नजर आ रही है.
  • नरिंदर ठाकुर भाजपा में घर वापसी करके सुजानपुर से विधायक बन चुके हैं. कांग्रेस ऐसे व्यक्ति की तलाश में है जो भाजपा के शीर्ष नेता को अपने विधानसभा क्षेत्र में ही घेर सके. इस वक्त कांग्रेस से पूर्व विधायक कुलदीप सिंह पठानिया, कमल पठानिया, सुनील दत्त बिट्टू और विनोद ठाकुर लेकिन कार्यकर्ता की नजर में कुलदीप पठानिया बेहतर मुकाबला कर सकते हैं. इस क्षेत्र में भाजपा कांग्रेस से हर लिहाज से बहुत आगे दिखाई देती है.
  • कांगड़ा में नगरोटा-बगवां विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस के दिग्गज गुरमुख सिंह बाली 1998 से चुनाव जीतते आ रहे हैं. भाजपा की कभी मजबूत सीट रही ये विधानसभा अब भाजपा के लिए चुनौती बन चुकी है. 2012 के चुनावों में बाली 2743 वोट से निर्दलीय अरुण कुमार को हरा कर चुनाव जीते थे. अरुण कुमार कूका ने 20883 वोट ले कर सबको हैरत में डाल दिया था. अब कूका भाजपा में शामिल हो चुके हैं और टिकट के प्रबल दावेदार हैं.

  • शिमला जिला में ठियोग विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की वयोवृद्ध नेत्री श्रीमति विद्या स्टॉक्स विधायक हैं. 2012 में उन्होंने भाजपा के राकेश वर्मा को 4276 वोट से पराजित किया था.लेकिन इस बार खुद ही स्टोक्स ने चुनाव मैदान से हटने का ऐलान कर दिया है. उनकी घोषणा होते ही वीरभद्र सिंह ने यहां से चुनाव लडऩे की दावेदारी जता दी. लिहाजा वीरभद्र सिंह इस बार यहां से चुनाव लड़ेंगे.
  • शिमला में भाजपा की ओर से टिकट के चाहवानों में ईश्वर रोहाल,रवि मेहता,सुनील ठाकुर और किरण बाबा दौड़ में हैं. ईश्वर रोहाल अभी भी भाजपा कार्यकर्ताओं की पहली पसंद नजऱ आ रहे हैं.
  • सिरमौर जिला के नाहन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के चाणक्य माने जाने वाले डॉ. राजीव बिंदल विधायक हैं. 2012 में पुनर्सीमांकन में सोलन सीट आरक्षित होने के बाद बिंदल ने सिरमौर जि़ला के नाहन का रुख कर सबको चौंका दिया था. उन्होंने डॉ यशवंत सिंह परमार के सुपुत्र कुश परमार को 12824 वोट से हरा कर सबको चौंका दिया था. इस बार फिर बिंदल नाहन से ही भाजपा के प्रत्याशी हैं.
  • मंडी जिला में जोगिन्दरनगर विधानसभा क्षेत्र में अजय जम्वाल,गुलाब सिंह, प्रकाश राणा इन तीन नामों की वजह से इन दिनों ये क्षेत्र खासा चर्चा में है. यहां से संघ के राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत स्वयं सेवक अजय जम्वाल का नाम मुख्यमंत्री के रूप में काफी समय से राजनीतिक गलियारों में चर्चा में है.
  • मंडी जिला में द्रंग विधानसभा क्षेत्र ,कांग्रेस के दिग्गज ठाकुर कौल सिंह इस क्षेत्र से लगातार नौवीं बार विधायक बने हैं. लेकिन विजय हासिल करना अभी भी चुनौती बना हुआ है।भाजपा से इस बार टिकट की दौड़ में ब्रिगेडियर(रि.) खुशहाल चन्द और भाजपा जिला अध्यक्ष जवाहर ठाकुर प्रबल दावेदारों में शामिल हैं. खुशहाल कारगिल युद्ध के हीरो रहे हैं। इस बार मुक़ाबल कड़ा होने की संभावना है.
  • मंडी जिला में सिराज विधानसभा क्षेत्र भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जय राम ठाकुर का मजबूत किला है. जय राम 1998 से लगातार जीत दर्ज करते आ रहे हैं।2012 में उन्होंने कांग्रेस की तारा ठाकुर को 5752 वोट से पराजित किया था। इस बार कांग्रेस से तारा ठाकुर, चेत राम ठाकुर और जगदीश रेड्डी उम्मीदवार नजर आ रहे हैं.
  • सबसे दिलचस्प उम्मीदवार प्रकाश राणा हैं जो सभी नेताओं को चिंतित किये हुए हैं. प्रकाश राणा विदेशों में बड़े कारोबारी हैं और पिछले एक वर्ष से क्षेत्र में अपनी समानांतर सामाजिक गतिविधियों चला कर भीड़ खींच रहे हैं. भाजपा में असमंजस की स्थिति नजऱ आती है. गुलाब सिंह,पंकज जम्वाल और प्रकाश राणा में से किसी एक को चुनना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा. फिलवक्त राणा सब पर भारी नजर आ रहे हैं.

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